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पीबीएम अस्पताल का औचक निरीक्षण व अधिकारियों की बैठक।

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प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल भवन के बाहर साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाएं। इसमें पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, अस्पताल प्रशासन तथा नर्सिंग विद्यार्थियों सहित स्वयंसेवी संस्थाओं आदि का सहयोग लेकर लिया जाए। एक या दो दिन के विशेष अभियान में समूचे परिसर की सफाई की जाए। प्रत्येक स्थान पर डस्ट बिन हो।

बीकानेर, 21 सितंबर। जिला प्रभारी सचिव श्री कृष्ण कुणाल और जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने शनिवार को पीबीएम अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य एवं पीबीएम अधीक्षक सहित वरिष्ठ चिकित्सकों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित बैठक के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि पीबीएम संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न जिलों सहित हरियाणा और पंजाब के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं। इसके मध्यनजर अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाएं। उन्होंने कहा कि यूआईटी द्वारा गत वर्ष करवाए गए कार्यों का जी-शेड्यूल के अनुसार वेरिफिकेशन किया जाए। यदि कोई कार्य अपूर्ण है तो उसे शीघ्र पूर्ण करें। जांच के दौरान कार्यों की गुणवत्ता को विशेष रूप से परखा जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता तथा यूआईटी को संयुक्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के सभी वार्डों के रिनोवेशन तथा मरम्मत एवं रखरखाव का प्लान तैयार कर सरकार को भिजवाएं। राज्य सरकार, यूआईटी और अस्पताल प्रशासन के साझा सहयोग से यह सभी कार्य प्राथमिकता से करवाए जाएंगे। आरएमआरएस से रंग रोगन के प्रस्ताव स्वीकृत करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा के साथ वातावरण भी पेसेंट फ्रेंडली रखें। प्री और पोस्ट सर्जरी केयर का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने आरएसआरडीसी, आरयूआईडीपी, पीडब्ल्यूडी और यूआईटी द्वारा अस्पताल में करवाए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। आरयूआईडीपी को 2 अक्टूबर तक अस्पताल परिसर के शत प्रतिशत सीवरेज कनेक्शन करने की हिदायत दी और कहा कि इसके बाद यदि कोई लाइन ओवरफ्लो रहती है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का चार्ट तैयार किया जाए तथा उच्च स्तर पर इसकी नियमित मॉनिटरिंग हो। 
प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल भवन के बाहर साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाएं। इसमें पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, अस्पताल प्रशासन तथा नर्सिंग विद्यार्थियों सहित स्वयंसेवी संस्थाओं आदि का सहयोग लेकर लिया जाए। एक या दो दिन के विशेष अभियान में समूचे परिसर की सफाई की जाए। प्रत्येक स्थान पर डस्ट बिन हो। अस्पताल की पार्किंग व्यवस्थित हो तथा वार्ड प्रभारी प्रत्येक वार्ड में यह कार्य देखें। प्रभारी सचिव ने पीबीएम परिसर के चारों ओर साफ सफाई रखने, अस्पताल के प्रवेश मार्ग को दुरुस्त करने तथा अस्पताल परिसर के चारों ओर के सर्कल्स सौंदर्यकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में परिसर में पड़ी निर्माण सामग्री को अविलंब हटाया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सकों से व्यवस्था संबंधी फीडबैक लिया।
प्रभारी सचिव ने इससे पहले रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया तथा सभी पत्रावलियों एवं फाइलों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। स्टोर में दवाईयों तथा अन्य सामग्री का स्टॉक देखा तथा दवाइयां की उपलब्धता, आवश्यकता सहित अन्य बिंदुओं की जानकारी ली। प्रभारी सचिव में अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल विकास और सुविधाओं में वृद्धि के लिए राज्य सरकार को भिजवाए गए प्रस्ताव की प्रति उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए और कहा कि राज्य स्तर पर इनके स्वीकृति की कार्यवाही प्राथमिकता से की जाएगी।
इस दौरान मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी, पीबीएम अधीक्षक डॉ. पीके सैनी, अतिरिक्त कलेक्टर (नगर) रमेश देव, नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष, नगर विकास न्यास सचिव डॉ. अपर्णा गुप्ता, डॉ. देवेंद्र अग्रवाल, डॉ.परमिंदर सिरोही, डॉ. गिरीश प्रभाकर, डॉ.एलके कपिल, डॉ. गौतम लूणिया, डॉ. जितेंद्र आचार्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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